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महज 12 साल की उम्र में 10वीं बोर्ड की परीक्षा देगा आइज़क, बनाया रिकॉर्ड

By: C4E Team Mon, 02 Dec 2019 4:26 PM

महज 12 साल की उम्र में 10वीं बोर्ड की परीक्षा देगा आइज़क, बनाया रिकॉर्ड

शिक्षा विभाग द्वारा बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुछ नियम निर्हृत किए जाते हैं। इन्हीं नियमों में से एक होता है बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों की आयु जो कि 10वीं की परीक्षा देने वालों के लिए 15 साल हैं। लेकिन असम के चुराचांदपुर जिले के कांगवई गांव के आइज़क पॉलालुंगमुआन वैफेई इस साल महज 12 साल की उम्र में 10वीं बोर्ड की परीक्षा देगा और इसी के साथ ही वह असम में सबसे कम उम्र में 10वीं की परीक्षा देने वाले छात्र बन जाएगा।

बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उपस्थित होने की अनुमति दे दी है और उसे असम हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है। इसे विशेष मामला बताते हुए BOSEM के प्रशासनिक बोर्ड ने आइज़क को आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उसकी वास्तविक जन्मतिथि के साथ नाम दर्ज करने की मंजूरी दी है। आइज़क 8वीं कक्षा तक माउंट ओलिवा स्कूल में पढ़ा है और वह अपने घर में सबसे बड़ा बेटा है। आइज़क ने कहा, ''मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं। मुझे सर आइज़क न्‍यूटन काफी पसंद हैं और मुझे लगता है कि मैं उनके जैसा हूं और हमारा नाम भी एक जैसा है''।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आइज़क के पिता जेनखोलियन वैफेई (Genkholien Vaiphei) ने पिछले साल एक आवेदन किया था, जिसमें उन्होंने शिक्षा विभाग से अपने बेटे को मैट्रिक की परीक्षा में बैठने देने की अनुमति मांगी थी। पिता जेनखोलियन के आवेदन पर शिक्षा विभाग के आयुक्त ने आइज़क की मनोविज्ञान (Psychology) की परीक्षा लेने का आदेश दिया था।

नैदानिक मनोविज्ञान विभाग (Department of Clinical Psychology) RIMS Imphal द्वारा ली गई परीक्षा के परिणाम के मुताबिक, आइज़क की मानसिक आयु 17 वर्ष 5 महीने है। उसका IQ 141 है, जो कि अत्‍यधिक बौद्धिक लोगों की श्रेणी में आता है। आइज़क के पिता जेनखोलियन ने बताया कि पहले उनसे बेटे की उम्र 12 से बदलकर 15 रखने के लिए कहा गया था ताकि वह परीक्षा में उपस्थित हो सके। इसके बाद उन्होंने बेटे के जुनून को देखते हुए उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। बेटे की काबिलियत से गौरवान्वित पिता ने कहा, "हमारे बेटे को शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए अवसर से हम बेहद खुश हैं।"

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