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विचारों की शक्ति देती हैं सफलता को गति, ये प्रेरक कहानी देगी आपको हौंसले की उड़ान

By: C4E Team Sun, 21 July 2019 1:48 PM

विचारों की शक्ति देती हैं सफलता को गति, ये प्रेरक कहानी देगी आपको हौंसले की उड़ान

हर इंसान अपने जीवन में लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करता हैं लेकिन सफलता निर्भर करती हैं कि आप कब तक उस लक्ष्य को प्राप्त करने की लड़ाई लड़ते हैं। जी हाँ, लक्ष्य की सफलता आपके मन की स्थिति पर और उसमें उमड़ने वाले विचारों की शक्ति पर निर्भर करती हैं। मन में आए विचारों की सकारात्मकता आपको हर प्रकार की सफलता प्राप्त करवाती हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसी प्रेरक कहानी लेकर आए हैं जो सफलता पाने के लिए संघर्ष और विचारों की शक्ति को दर्शाती हैं। तो आइये जानते हैं आपको हौंसले की उड़ान देने वाली प्रेरक कहानी (Motivational Story) के बारे में।

विख्यात ब्रिटिश लेखक मार्क रदरफोर्ड के बचपन की घटना है। एक दिन वह समुद्र के किनारे बैठे थे। दूर सागर में एक जहाज लंगर डाले खड़ा था। वह जहाज तक तैरकर जाने के लिए मचल पड़े। मार्क तैरना तो जानते ही थे। समुद्र में कूद पड़े और तैरकर जहाज तक पहुच गये। मार्क ने जहाज के कई चक्कर लगाये। मन खुशी से झूम उठा। विजय की खुशी और सफलता का आत्मविश्वास बढ़ा लेकिन जैसे ही उन्होंने वापस लौटने को किनारे की तरफ देखा तो निराशा हावी होने लगी, किनारा बहुत दूर लगा।

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बहुत अधिक दूर। सफलता के बाद भी निराशा बढ़ रही थी। अपने उपर अविश्वास हो रहा था। जैसे जैसे मार्क के मन में ऐसे विचार आते रहे , उनका शरीर वैसा ही शिथिल होने लगा। फुर्तीले नौजवान होने के बावजूद बिना डूबे ही डूबता सा महसूस करने लगे लेकिन जैसे ही उन्होंने संयन्त होकर अपने विचारों को निराशा से आशा की तरफ मोड़ा क्षण भर में चमत्कार सा होने लगा।

वह अपने अंदर परिवर्तन अनुभव करने लगे। शरीर में एक नई शक्ति का संचार हुआ। वह तैरते हुए सोच रहे थे कि किनारे तक नही पहुचने का मतलब है मर जाना। और किनारे तक पहुचने का प्रयास है डूब कर मरने से पहले का संघर्ष। इस सोच से जैसे उन्हें संजीवनी मिल गयी। उन्होंने सोचा कि जब डूबना ही है तो सफलता के लिए संघर्ष क्यों न करे। भय का स्थान विश्वास ने ले लिया। इसी संकल्प के साथ वह तैरते हुए किनारे तक पहुचने में सफल रहे। इस घटना ने उन्हें आगे भी काफी प्रेरित किया।

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