career4education.com

Advertisement

  • निजी विश्वविद्यालयों पर योगी सरकार की सख्ती, लागू होने जा रहे हैं कई नए नियम

निजी विश्वविद्यालयों पर योगी सरकार की सख्ती, लागू होने जा रहे हैं कई नए नियम

By: C4E Team Thu, 20 June 2019 08:31 AM

निजी विश्वविद्यालयों पर योगी सरकार की सख्ती, लागू होने जा रहे हैं कई नए नियम

आज के समय शिक्षा सिर्फ एक व्यवसाय बनकर रह गई हैं और निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी से जनता का हाल बेहाल हैं। ऐसे में राज्य और केंद्र की सरकारों की यह जिम्मेदारी बनती हैं कि निजी विश्वविद्यालयों की इस मनमानी पर लगाम कसी जाए। इसके लिए हाल ही में, योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अध्यादेश राज्य मंत्रिमंडल द्वारा पारित किया गया हैं, जिसके तहत निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कई नए नियम बनाए गए हैं। इस अध्यादेश को 18 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाना हैं। तो आइये जानते हैं उन महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जो इस अध्यादेश में लाए गए हैं।

- विश्वविद्यालयों को अब विभागों में कम से कम 75 फीसदी नियमित शिक्षक रखने होंगे। कॉमन एकेडेमिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। एडमिशन की पूरी प्रक्रिया और फीस की जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी।

- विश्वविद्यालय प्रावधानों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इस पर उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद नजर रखेगा। राज्य उच्च शिक्षा परिषद साल में कम से कम एक बार विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी। हर 5 साल में नैक मूल्यांकन भी करवाना होगा।

yogi government,private universities,new rules for private universities ,योगी सरकार, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज पर सख्ती, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के लिए नए नियम

- इसके अनुसार, अब निजी विश्वविद्यालयों को एक शपथपत्र देना होगा कि यूनिवर्सिटी किसी तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होगी। शपथ पत्र में यह भी उल्लेख करना होगा कि यूनिवर्सिटी के कैंपस में राष्ट्र विरोधी गतिविधियां नहीं होने दी जाएंगी। साथ ही यूनिवर्सिटी का नाम किसी भी राष्ट्र विरोधी गतिविधि में इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो यह अध्यादेश का उल्लंघन माना जाएगा। इसके बाद सरकार विश्वविद्यालय खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

- अध्यादेश में विश्वविद्यालयों के उद्देश्यों में राष्ट्रीय एकीकरण, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक समानता और अंतरराष्ट्रीय सद्भाव की भावना शामिल करने का भी प्रावधान है। साथ ही किसी को मानद उपाधी देने के लिए विश्वविद्यालयों को सरकार से अनुमोदन करवाना होगा।

- कमजोर वर्ग के छात्रों को 10 फीसदी सीटों पर 50 फीसदी शुल्क के साथ दाखिला देना होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर मान्यता वापस लेकर विश्वविद्यालय का विघटन किया जा सकेगा।

- उत्तर प्रदेश में अब निजी विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति कुलाधिपति करेंगे। कुलाधिपति शासी निकाय के परामर्श के बाद ही कुलपति के नाम पर फैसला लेंगे। राज्य के राज्यपाल इन यूनिवर्सिटीज के कुलाधिपति (चांसलर) होते हैं।

Advertisement