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स्वदेशीकरण के तहत वायुसेना ने टाली 8000 करोड़ रुपये की अपनी 3 परियोजनाएं

By: C4E Team Wed, 20 May 2020 6:51 PM

स्वदेशीकरण के तहत वायुसेना ने टाली 8000 करोड़ रुपये की अपनी 3 परियोजनाएं

हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वदेशीकरण पर जोर दिया गया था जिसके बाद गृह मंत्रालय द्वारा सेना के जवानों की कैंटीन में उपलब्ध सामानों से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला लिया गया था। अब इस कड़ी में भारतीय वायु सेना (IAF) भी शामिल हो गई हैं और वायुसेना ने 8000 करोड़ रुपये की अपनी 3 परियोजनाएं टाल दी। इन परियोजनाओं में ब्रिटेन से 20 अतिरिक्त हॉक प्लान खरीदने की योजना, 38 पिलाटस बेसिक ट्रेनर विमान और संयुक्त राज्य अमेरिका के इंजनों के साथ 30 जगुआर लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने की योजना शामिल थी। वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बताया कि वे अपनी इन नियोजित परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ायेंगे और फिलहाल मेक इन इंडिया सहित विभिन्न कारणों से इन योजनाओं को रोक दिया गया है।

भारतीय वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा कि सेना अपनी विमान संबंधी योजना और इंजन से संबंधित कुछ अन्य उन्नयन के लिए भी एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) की मदद लेगी जिनके माध्यम से वायु सेना का तकनीकी विकास होगा।

उन्होंने आगे बताया कि स्विट्जरलैंड से लगभग 1000 करोड़ रुपये लागत के 38 अतिरिक्त पिलाटस बेसिक ट्रेनिंग विमान प्राप्त करने की योजना को भी रद्द कर दिया गया है क्योंकि एचएएल पहले से ही एचटीटी - 40 ट्रेनर विमान तैयार करना का काफी काम पूरा कर चुका है। सेना प्रमुख ने आगे कहा कि सेना ये 70 मेड इन इंडिया विमान खरीदेगी।

- वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने 18 मई को सूचित किया कि सेना अतिरिक्त पिलाटस बेसिक ट्रेनर विमान खरीदने की अपनी इस योजना को अब आगे नहीं बढ़ेगी।
- अतिरिक्त हॉक (ट्रेनर विमान) खरीदने की भी योजना थी लेकिन फिलहाल इस खरीद को भी रोक दिया गया है।
- एक अन्य जगुआर रि-इंजनिंग योजना भी थी जो पूरी तरह से आयात पर निर्भर थी, लेकिन वायु सेना ने इस परियोजना को भी रोकने का फैसला किया है। इस योजना के तहत जगुआर लड़ाकू विमानों को अमेरिका के हनीवेल कॉर्पोरेशन के नए इंजनों से लैस किया जाना था।
- 20 अतिरिक्त हॉक विमानों का सौदा, जिनकी कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये है, यह परियोजना मुख्य रूप से इन विमानों की कीमत के कारण ही 3-4 साल से अटकी हुई थी।

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