career4education.com

Advertisement

  • अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस : हर साल लगभग 1 इंच बढ़ जाती है पर्वत की ऊंचाई, जानें अन्य रोचक तथ्य

अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस : हर साल लगभग 1 इंच बढ़ जाती है पर्वत की ऊंचाई, जानें अन्य रोचक तथ्य

By: C4E Team Fri, 29 May 2020 11:06 AM

अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस : हर साल लगभग 1 इंच बढ़ जाती है पर्वत की ऊंचाई, जानें अन्य रोचक तथ्य

साल 1953 में नेपाल के तेनजिंग नोर्गे शेरपा और न्यूजीलैंड के एडमंड हिनेरी द्वारा पहली बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का कारनामा किया गया था। जिस दिन यह कारनामा किया गया वह था 29 मई इस वजह से इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। नेपाल द्वारा यह फैसला साल 2008 में पर्वतारोही हिलेरी के निधन के समय लिया गया था। आज इस कड़ी में हम आपको माउंट एवरेस्ट से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों की जानकारी देने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।

- समुंद्र तल से दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर हैं और यह नेपाल में स्थित हैं।
- एवरेस्ट पर्वत का नाम इंग्लैड के वैज्ञानिक जार्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया हैं। जार्ज ने 13 साल तक भारत की सबसे ऊंची चोटियों का सर्वेक्षण किया था।
- अभी तक 19 भारतीयों ने एवरेस्ट पर चढ़ने में सफलता हासिल की है।
- जॉर्डन रोमेरो दुनिया के सबसे छोटे और यूइचिरो मियूरा दुनिया के सबसे बड़े इंसान है जिन्होनें एवरेस्ट फतह की। इन्होनें ये कारनामा क्रमश: 13 और 80 साल की उम्र में किया।
- एवरेस्ट पर चढ़ने का सबसे अच्छा समय है मार्च और मई के बीच।। क्योकिं इस समय ना तो बारिश ज्यादा होती है और बर्फ भी ताजा रहती है।
- आज तक लगभग 5000 लोग एवरेस्ट पर चढ़ने की कोशिश कर चुके है उनमें से करीब 280 लोग चढ़ते समय अपनी जान गवाँ चुके है। उनकी लाशें यही पड़ी हुई है कई बार तो लोग इनका सहारा लेकर ऊपर भी चढ़ते है।
- एवरेस्ट पर्वत की ऊंचाई हर साल लगभग 1 इंच बढ़ जाती है। ऐसा इरशियन और भारत-आस्ट्रेलियन प्लेट टकराने के कारण होता है।
- एवरेस्ट पर 120 टन कचरा मौजूद है इसमें ऑक्सीजन टैंक, टेंट आदि सामान शामिल है। 2008 से 2011 तक एवरेस्ट पर चलाए सफाई अभियान में 400 किलोग्राम कचरा हटा दिया गया।
- पिछले 42 सालों में सिर्फ 2015 को छोड़कर कोई ऐसा साल नही गया जब किसी न किसी ने एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी न की हो। 2015 में कोई अभियान इसलिए सफल नही हो पाया क्योकिं अप्रैल में नेपाल में 7.8 की तीव्रता का भूकंप आया था।
- एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने के लिए 18 अलग-अलग रास्ते मौजूद है।
- अप्रैल 2015, में आए भूकंप के कारण माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 1” इंच कम हुई है।
- एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए पहले लोगो को लगभग 15 लाख रूपए फीस देनी होती थी लेकिन 2015 मे नेपाली सरकार ने इसे कम करके लगभग 7 लाख कर दी।
- एवरेस्ट की चोटी पर हवा की रफ्तार 321 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है और यहां का तापमान -80° डिग्री फारेनहाइट तक जा सकता हैं।
- वैसे तो एवरेस्ट की चोटी से नीचे उतरने के लिए 3 दिन का समय लगता है लेकिन 2011 में 2 नेपाली पैरागलाडिंग की सहायता से मात्र 48 मिनट में नीचे उतर आए थे।
- एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के लिए 2 महीने का समय लगता है और एक आदमी का खर्च लगभग 80 लाख रूपए आता है। इसमें नेपाल की हवाई यात्रा भी शामिल हैं।

यह भी पढ़े :

# क्यों मनाया जाता हैं अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस, जानें इसके बारे में

Advertisement