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डीआरडीओ की मदद से इसरो करेगा यह कारनामा, रोशन करेगा देश का नाम

By: C4E Team Fri, 20 Sept 2019 1:33 PM

डीआरडीओ की मदद से इसरो करेगा यह कारनामा, रोशन करेगा देश का नाम

हाल ही में, चंद्रयान 2 की आंशिक असफलता के बाद अब इसरो एक ओर कारनामा करने जा रहा हैं और इसके लिए इसरो ने डीआरडीओ की मदद ली हैं जिससे देश का नाम रोशन होगा। दरअसल, इसरो देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने से पहले अर्थात 2022 में 'गगनयान' भेजने की तैयारी कर रहा हैं। 'गगनयान' की मदद से एक भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष यान है जिसे तीन लोगों को ले जाने हेतु तैयार किया गया है। इस मिशन के तहत तीन व्यक्ति दल के साथ 3.7 टन के कैप्सूल में सात दिनों के लिए 400 किमी (250 मील) की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करेंगे। इसरो द्वारा इसे भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क-3 द्वारा लॉन्च करने की योजना हैं।

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रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीआरडीओ की ओर से इसरो(ISRO) को कुछ अहम तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें अंतरिक्ष में भोजन संबंधी तकनीक, अंतरिक्ष जाने वाले दल की सेहत पर निगरानी, सर्वाइवल किट, विकिरण मापन और संरक्षण तथा पैराशूट इत्यादि शामिल हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ‘गगनयान’ मिशन के लिए मानव केंद्रित प्रणालियां विकसित करने हेतु सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये है।

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने इस मौके पर कहा कि रक्षा अनुप्रयोगों हेतु डीआरडीओ (DRDO) की प्रयोगशालाओं की मौजूदा तकनीकी क्षमताओं को इसरो के मानव अंतरिक्ष मिशन की जरूरतों के हिसाब से ढाला जाएगा। डीआरडीओ मानव अंतरिक्ष मिशन हेतु इसरो को सभी आवश्यक सहयोग मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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