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  • मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग, ग्रोथ की रफ्तार रहेगी कम, संकट से जल्द उबर पाने की उम्मीद नहीं

मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग, ग्रोथ की रफ्तार रहेगी कम, संकट से जल्द उबर पाने की उम्मीद नहीं

By: C4E Team Fri, 08 Nov 2019 12:11 PM

मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग, ग्रोथ की रफ्तार रहेगी कम, संकट से जल्द उबर पाने की उम्मीद नहीं

समय-समय पर रेटिंग एजेंसियों द्वारा विभिन्न आंकलन कर रेटिंग की जाती हैं। ऐसी ही एक मूडीज (MOODYS) इन्वेस्टर सर्विस एजेंसी हैं जिसने भारत की रेटिंग 'स्टेबल' से घटाकर 'नेगेटिव' कर दी हैं और पहले के मुकाबले ग्रोथ की रफ्तार कम रहने के आसार बताए हैं। मूडीज के अनुसार मार्च 2020 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी (GDP) का घाटा 3.7% रह सकता है, जिसका टारगेट 3.3 पर्सेंट रखा गया था।

एजेंसी ने एक बायन में कहा, 'मूडीज ने भारतीय इकॉनमी की ग्रोथ (Economy Groath) से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह अनुमान घटाया है। स्पष्ट है कि पहले के मुकाबले इकॉनमी धीमी गति से आगे बढ़ेगी, जिसका मुख्य कारण सरकार की नीतियों (Government Policies) का कम कारगर होना है। मूडीज का अनुमान है कि कर्ज का भार धीरे-धीरे बढ़कर ज्यादा हो सकता है।'

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मूडीज के मुताबिक, सरकार द्वारा उठाए गे कदमों का इकॉनमी पर सकारात्मक असर पड़ना चाहिए और सुस्ती की अवधि और गहराई कम हो जानी चाहिए। ग्रामीण परिवारों को लंबे आर्थिक संकट (Economic Crisis), रोजगार के कम नए मौके और NBFC वित्त संकट के कारण सुस्ती के लंबे समय तक रहने की संभावना बन रही है।

मूडीज ने आगे कहा, 'कारोबर में निवेश और ग्रोथ बढ़ाने के लिए और सुधारों और टैक्स बेस व्यापक करने की गुंजाइश काफी कम हो गई है।' अप्रैल से जून तिमाही में भआरतीय अर्थव्यवस्था 5.0% की दर से आगे बढ़ी। यह दर 2013 के बाद से सबसे कम दर थी। इसका कारण कमजोर मांग और सरकारी खर्च (Government Expenditure) रहा। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने कई बार ब्याज दरों में कटौती की और सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती जैसे बड़े कदम उठाए।

वैश्विक एजेंसी मूडीज ने कहा कि भारत सरकार के हाल के कदम ग्रोथ स्लोडाउन की अवधि और गहराई को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। एजेंसी ने आगे कहा कि NBFC संकट से जल्द उबर पाने की उम्मीद नहीं है।

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