career4education.com

Advertisement

  • अनोखी घटना: जब दिखी थी भारत-पाकिस्तान की एकता, हाइजैकर्स से प्लेन छुड़ाने में पाक ने की थी मदद

अनोखी घटना: जब दिखी थी भारत-पाकिस्तान की एकता, हाइजैकर्स से प्लेन छुड़ाने में पाक ने की थी मदद

By: C4E Team Mon, 16 Sept 2019 5:58 PM

अनोखी घटना: जब दिखी थी भारत-पाकिस्तान की एकता, हाइजैकर्स से प्लेन छुड़ाने में पाक ने की थी मदद

वर्तमान समय में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से सभी वाकिफ हैं और सीमा पर भी यह साफ़ नजर आता हैं। आज जब भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे को जवाब दे रहे हैं उनकी एकता के ऐसे कई किस्से हैं जो इतिहास में दर्ज हैं। आज हम आपको एक ऐसा ही अनोखा किस्सा बताने जा रहे हैं जिसमें पाकिस्तान ने भारतीय प्लेन को हाइजैकर्स से छुड़ाने में मदद की थी और भारत-पाकिस्तान की एकता का परिचय दिया था। यह घटना है साल 1976 में 10 सितंबर की।

यह घटना है इंडियन एयरलाइंस के बोइंग 737 के हाइजैक होने की जिसमें पायलट की सूझबूझ और पाकिस्तान के साथ की वजह से उसमें स्वर 66 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स दूसरे दिन सही सलामत दिल्ली वापस लौटे। 10 सितंबर 1976 को सुबह करीब साढ़े सात बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से इंडियन एयरलाइंस का विमान 737 मुंबई के लिए उड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक टेकऑफ के कुछ ही देर बाद 2 हाइजैकर्स कॉकपिट में आए और पायलट और को-पायलट को गन दिखाकर प्लेन हाइजैक कर लिया।

indian boing 737 hijack,plane hijack,pakistan helped in ridding the indian plane,unity of india pakistan ,इंडियन एयरलाइंस का विमान 737, प्लेन हाइजैक, हाइजैकर्स से बचाव, पाकिस्तना ने की भारत की मदद, भारत पाकिस्तान की एकता का किस्सा

प्लेन हाइजैक का पता चलते ही पायलट और को-पायलट ने सूझबूझ से काम लिया और दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को चुपचाप सूचना दे दी। प्लेन में कुल 6 टेररिस्ट थे, रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी कश्मीरी थे। अपहरणकर्ता प्लेन को लीबिया ले जाना चाहते थे लेकिन ईधन खत्म होने की बात कहकर पायलट्स प्लेन को लाहौर ले गए। इसी बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से यात्रियों की सुरक्षा के लिए मदद मांगी। इस घटना में पाकिस्तान ने भी अच्छा रोल निभाया और काफी चालाकी दिखाई।

पाकिस्तान ने रात का बहाना बनाकर विमान को रोक लिया और हाइजैकर्स की खातिरदारी के लिए जहाज में ही बढ़िया दावत का इंतजाम किया। पाकिस्तान के अधिकारियों ने खूब लजीज खाना बनवाया और पानी में पारदर्शी नशे की दवा मिला दी। पानी पीकर हाइजैकर्स बेहोश हो गए फिर उन्हें गिरफ्तार करके विमान को वापस भेज दिया गया। सभी अपहर्णकर्ता पाकिस्तान की हिरासत में रहे और 7 जनवरी 1977 को उन्हें रिहा कर दिया गया। इस बात का भारत ने काफी विरोध भी किया था।

Advertisement