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प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम बदलकर रखा गया 'सुषमा स्वराज भवन'

By: C4E Team Fri, 14 Feb 2020 3:25 PM

प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम बदलकर रखा गया 'सुषमा स्वराज भवन'

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में सुषमा स्वराज द्वारा विदेश मंत्री का दायित्व संभाला गया था। जिन्होंने भारतीय कूटनीति में मानवीय पहल तथा करूणा को समाहित करने का काम किया था। उनके महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 13 फरवरी 2020 को प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम बदलकर ‘सुषमा स्वराज भवन’ कर दिया है। इसी के साथ ही राजनयिकों को प्रशिक्षण देने वाले विदेश सेवा संस्थान का नाम भी ‘सुषमा स्वराज विदेश संस्थान’ किया गया है। आइये जानते हैं सुषमा स्वराज के बारे में।

- सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में हुआ था।
- उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा अम्बाला और कानून की डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी से हासिल की थी।
- उन्होंने हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए भी अनेक कोशिश किए थे।
- सुषमा स्वराज सात बार सांसद रह चुकी हैं। इसमें छह बार लोकसभा, एक बार राज्य सभा और तीन बार विधायक भी रही थीं।
- वे मात्र 25 वर्ष की आयु में भारत की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं थीं। इसके अतिरिक्त, वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भीं बनीं थीं।
- वे देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने तथा संसद में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी ही हैं।
- उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में 26 मई 2014 से 24 मई 2019 तक बतौर विदेश मंत्री अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
- उनका निधन अगस्त 2019 में 67 साल की उम्र में हो गया था।

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