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31 अक्टूबर तक 8 लाख लोगों को रोजगार देगा रेलवे, लिया बड़ा फैसला

By: C4E Team Fri, 26 June 2020 11:19 AM

31 अक्टूबर तक 8 लाख लोगों को रोजगार देगा रेलवे, लिया बड़ा फैसला

लॉकडाउन के बाद से ही लाखों प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य को लौट गए जिस वजह से अब उन मजदूरों को काम की तलाश हैं। इन मजदूरों को रोजगार मुहैया करवाने और सशक्त बनाने के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल ही में गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की गई थी। इसी अभियान के तहत रेल मंत्री द्वारा घोषणा की गई कि रेलवे आने वाले 125 दिनों के दौरान अर्थात 31 अक्टूबर तक 1,800 करोड़ रूपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये आठ लाख मानव दिवस सृजित करेगा। रेल मंत्री ने 24 जून 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से क्षेत्रीय रेलवे कार्यालयों और रेलवे पीएसयू के साथ बैठक के दौरान गरीब कल्याण रोजगार अभियान की प्रगति की समीक्षा की है।

रेलवे के अनुसार, यह छह राज्यों के 116 जिलों में लागू किये जा रहे सरकार के ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान का हिस्सा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों के प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा।

इस योजना के लिए जिन 6 राज्यों का चयन किया गया है, उनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा और झारखंड शामिल हैं। ये वे राज्य हैं, जहां लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक संख्या में मजदूरों ने पलायन किया है। इन राज्यों में भी जिलेवार चयन किया गया है।

रेलवे ने हाल ही में निर्णय लिया है कि केंद्र सरकार की बहुचर्चित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत वह इन मजदूरों को काम देगा। रेलवे ने इसकी शुरआत भी कर दी है। रेलवे इनसे ग्रामीण और शहर के रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से लेकर लेवल क्रॉसिंग, पटरियों के आसपास की सफाई, मिट्टी-गिट्टी की भराई, सफाई और पौधरोपण जैसे काम कराएगा। वर्तमान में रेलवे को भी अपनी अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए मजदूरों की कमी हो रही है। इसे मनरेगा के जरिये वे दूर करेगा।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन, पटरी और स्टेशन की संरक्षा से जुड़े सभी कामों को वह अपने अनुभवी कर्मचारी और मशीनों के माध्यम से ही पूरा कराएगा, लेकिन इन कामों से जुड़े अन्य छोटे-छोटे कामों को वे मनरेगा के जरिये मजदूरों से भी करा सकता है। रेलवे में मनरेगा के तहत जो मजदूर काम करेंगे उनका पारिश्रमिक मनरेगा खाते से ही केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा।

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